Sukanya Samriddhi Yojana 2026: सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य के लिए बचत करने वाली केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण छोटी बचत योजना है। इस योजना में 10 वर्ष से कम आयु की बालिका के नाम पर खाता खोला जाता है। माता-पिता या कानूनी अभिभावक खाते में नियमित रूप से राशि जमा कर सकते हैं। वर्तमान में जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के लिए सुकन्या समृद्धि खाते पर 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिल रहा है।
Sukanya Samriddhi Yojana 2026 की मुख्य जानकारी
| योजना का नाम | सुकन्या समृद्धि खाता योजना |
| लाभार्थी | 10 वर्ष से कम आयु की बालिका |
| खाता कौन खोल सकता है | माता-पिता या कानूनी अभिभावक |
| न्यूनतम जमा | ₹250 |
| अधिकतम जमा | ₹1.50 लाख प्रति वित्तीय वर्ष |
| वर्तमान ब्याज दर | 8.2% वार्षिक |
| ब्याज अवधि | जुलाई–सितंबर 2026 |
| जमा अवधि | खाता खुलने से 15 वर्ष |
| मैच्योरिटी | खाता खुलने से 21 वर्ष |
| खाता कहां खुलेगा | डाकघर या अधिकृत बैंक |
| आवेदन शुल्क | कोई निर्धारित आवेदन शुल्क नहीं |
सुकन्या समृद्धि योजना क्या है?
सुकन्या समृद्धि योजना बालिकाओं के भविष्य के लिए लंबी अवधि की बचत योजना है। इसमें बेटी के नाम पर खाता खोलकर उसके उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए राशि जमा की जा सकती है। योजना में जमा राशि पर सरकार द्वारा निर्धारित ब्याज मिलता है।
खाता बालिका के नाम पर होता है और उसके नाबालिग रहने तक माता-पिता या कानूनी अभिभावक खाते का संचालन करते हैं। बालिका के 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद नियमानुसार वह खाते का संचालन कर सकती है।
सुकन्या समृद्धि योजना के लाभ
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि माता-पिता बेटी के भविष्य के लिए छोटी-छोटी बचत को लंबे समय तक जमा कर सकते हैं। खाते में जमा राशि पर सरकार द्वारा निर्धारित ब्याज मिलता है और ब्याज वार्षिक चक्रवृद्धि आधार पर जुड़ता है।
खाते में हर वित्तीय वर्ष न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1.50 लाख जमा किए जा सकते हैं। बालिका की उच्च शिक्षा के लिए निर्धारित नियमों के तहत खाते से आंशिक राशि निकालने की सुविधा भी उपलब्ध है।
योजना में किए गए निवेश पर आयकर कानून के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार कर लाभ भी मिल सकता है।
सुकन्या समृद्धि योजना की पात्रता
सुकन्या समृद्धि खाता केवल 10 वर्ष से कम आयु की बालिका के नाम पर खोला जा सकता है। खाता माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा खोला जाता है।
एक बालिका के नाम पर केवल एक सुकन्या समृद्धि खाता खोला जा सकता है। सामान्य स्थिति में एक परिवार में अधिकतम दो बालिकाओं के लिए खाते खोले जा सकते हैं। जुड़वां या निर्धारित विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त खाते की अनुमति योजना के नियमों के अनुसार मिल सकती है।
इस योजना में परिवार की वार्षिक आय की कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है।
सुकन्या समृद्धि योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
खाता खोलने के लिए बालिका का जन्म प्रमाण पत्र और माता-पिता या कानूनी अभिभावक के KYC दस्तावेज आवश्यक होते हैं। सामान्य रूप से आवेदन के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, पहचान एवं पते का प्रमाण और पासपोर्ट साइज फोटो जमा करनी होती है।
जुड़वां या अन्य विशेष परिस्थितियों में संबंधित अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। बैंक या डाकघर के KYC नियमों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर अन्य दस्तावेज भी लिए जा सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना में खाता कहां खुलता है?
सुकन्या समृद्धि खाता नजदीकी डाकघर या अधिकृत बैंक शाखा में खुलवाया जा सकता है। खाता खोलने से पहले संबंधित शाखा में इस योजना की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी ले लेना उचित है।
सुकन्या समृद्धि योजना में आवेदन कैसे करें?
सबसे पहले माता-पिता या कानूनी अभिभावक को नजदीकी डाकघर या अधिकृत बैंक शाखा में जाना होगा। वहां सुकन्या समृद्धि खाता खोलने का आवेदन फॉर्म प्राप्त करके उसमें बालिका और अभिभावक की आवश्यक जानकारी भरनी होगी।
इसके बाद बालिका का जन्म प्रमाण पत्र और अभिभावक के KYC दस्तावेज आवेदन फॉर्म के साथ जमा करने होंगे। खाता खोलने के लिए कम से कम ₹250 की प्रारंभिक राशि जमा करनी होगी। दस्तावेजों का सत्यापन पूरा होने के बाद बालिका के नाम पर सुकन्या समृद्धि खाता खोल दिया जाएगा और पासबुक या खाते से संबंधित विवरण उपलब्ध कराया जाएगा।
सुकन्या समृद्धि खाते में कितनी राशि जमा कर सकते हैं?
खाते में प्रत्येक वित्तीय वर्ष कम से कम ₹250 जमा करना जरूरी है। एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम ₹1,50,000 जमा किए जा सकते हैं। राशि एक साथ या अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग किस्तों में जमा की जा सकती है।
खाता खुलने की तारीख से 15 वर्ष तक इसमें राशि जमा की जा सकती है। इसके बाद नई राशि जमा करना जरूरी नहीं होता और खाता निर्धारित अवधि तक चलता रहता है।
सुकन्या समृद्धि योजना में 8.2% ब्याज
जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के लिए सुकन्या समृद्धि खाते की ब्याज दर 8.2 प्रतिशत वार्षिक है। ब्याज दर सरकार द्वारा समय-समय पर संशोधित की जा सकती है, इसलिए 8.2 प्रतिशत की दर को पूरी खाता अवधि के लिए निश्चित नहीं माना जाना चाहिए।
शिक्षा के लिए पैसे निकालने की सुविधा
बालिका की उच्च शिक्षा के लिए खाते से नियमानुसार आंशिक राशि निकाली जा सकती है। निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में उपलब्ध राशि का अधिकतम 50 प्रतिशत तक निकाला जा सकता है।
शिक्षा के लिए निकासी करते समय संबंधित शिक्षण संस्थान में प्रवेश या फीस से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना की मैच्योरिटी
सुकन्या समृद्धि खाता खाता खोलने की तारीख से 21 वर्ष पूरे होने पर मैच्योर होता है। यानी 21 वर्ष की अवधि बालिका के जन्म से नहीं बल्कि खाता खुलने की तारीख से गिनी जाती है।
मैच्योरिटी पर योजना के नियमों के अनुसार खाते में जमा राशि और उस पर प्राप्त ब्याज खाताधारक बालिका को दिया जाता है।